"एकमेवाद्वितीयम्" अर्थात् ईश्वर केवल एक ही है, दूसरा नहीं है।
इस बहस का उद्देश्य दोनों धर्मों के ग्रंथों के आधार पर ईश्वर के स्वरूप को समझना था।
While the original debate was in English, many platforms offer versions with :
Speeches from both scholars followed by a Question & Answer session. Where to Watch in Hindi dr zakir naik vs sri sri ravi shankar debate full in hindi
डॉ. नाइक ने हिंदू सनातन धर्मग्रंथों का हवाला देते हुए तर्क दिया कि हिंदू धर्म मूलतः एकेश्वरवाद (Monotheism) का समर्थन करता है। उन्होंने निम्नलिखित संदर्भ प्रस्तुत किए:
3. विविधता में एकता (Unity in Diversity)
(इस्लामिक विद्वान) तुलनात्मक धर्म पर चर्चा करते हैं और अक्सर कुरान व हदीस का हवाला देते हुए इस्लाम को सर्वश्रेष्ठ बताते हैं। वहीं श्री श्री रवि शंकर आध्यात्मिक गुरु हैं जो योग, ध्यान, और सर्वधर्म समभाव पर जोर देते हैं। Can’t copy the link right now
यह सबसे बड़ा सवाल है जो दर्शक पूछते हैं:
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While the event was conducted in English, you can find dubbed or subtitled versions for Hindi/Urdu audiences. Below is the essential information and common sources to find this debate: Debate Overview इसलिए वह निराकार है
डॉ. जाकिर नाइक ने अपने तर्कों को मुख्य रूप से इस बात पर केंद्रित किया कि इस्लाम और हिंदू धर्म दोनों ही अंततः ईश्वर की एकता (Oneness of God) की वकालत करते हैं।
डॉ. नाइक ने वेदों के आधार पर निराकार ईश्वर की पूजा पर जोर दिया और मूर्ति पूजा का खंडन किया, जबकि श्री श्री ने इसे ईश्वर के साकार रूप की साधना के रूप में उचित ठहराया।
इन दोनों के बीच साल 2006 में एक बहस हुई थी। हालाँकि इसे लेकर आज भी लोगों में कई तरह की भ्रांतियाँ हैं। क्या वाकई उनके बीच कोई टकराव हुआ था? वीडियो कहाँ उपलब्ध है? और इस डिबेट के बाद क्या हुआ?
आज भी यूट्यूब और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इस बहस की "Full Video in Hindi" को लाखों लोग देखते हैं। दोनों समुदायों के लोग अपने-अपने पसंदीदा वक्ता की प्रस्तुति को बेहतर मानते हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि ईश्वर निराकार (Nirguna) भी है और साकार (Saguna) भी। ईश्वर सर्वव्यापी है, इसलिए वह निराकार है, लेकिन भक्त के लिए वह साकार रूप में भी प्रकट हो सकता है।